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Date: 
08.02.2017
City: 
New Delhi

 एक ताजा रिपोर्ट में कहा गया है कि उत्तराखंड में दोबारा चुनाव लड़ रहे 60 विधायकों की संपत्ति में पिछले पांच वर्षों में औसतन 1.77 करोड़ रूपये का इजाफा हुआ है।

दिल्ली स्थित थिंक टैंक एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफार्म्स (एडीआर) की आज जारी एक रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्ष 2012 में चुनाव लड़ने वाले विभिन्न राजनीतिक दलों और निर्दलीय उम्मीदवारों के पास औसतन करीब 1.85 करोड़ रूपये की संपत्ति थी, जबकि वर्ष 2017 में उनकी औसत संपत्ति बढ़कर लगभग 3.62 करोड़ रूपये हो गयी।

रिपोर्ट में कहा गया है, ‘उत्तराखंड में वर्ष 2012 और 2017 में चुनाव लड़ने वाले इन 60 विधायकों की संपत्ति में औसतन 1.77 करोड़ रूपये की वृद्धि हुई है। इनकी संपत्ति में औसतन 96 प्रतिशत का इजाफा हुआ है।’ एडीआर की रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2012 से 2017 की अवधि में भाजपा के शैलेन्द्र मोहन सिंघल की संपत्ति में सर्वाधिक 32 करोड़ रूपये से अधिक का इजाफा हुआ। वहीं कांग्रेस के नव प्रभात की संपत्ति में छह करोड़ से अधिक की वृद्धि दर्ज की गयी।

इसमें कहा गया है कि मुख्यमंत्री हरीश रावत की संपत्ति में इस दौरान एक करोड़ रूपये से अधिक की वृद्धि हुई। भाजपा के 29 विधायकों की संपत्ति में औसतन दो करोड़ रूपये से अधिक का इजाफा हुआ वहीं कांग्रेस के 28 विधायकों की संपत्ति में एक करोड़ रूपये से अधिक की वृद्धि हुई।

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