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Date: 
03.07.2021
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 साल 2019 के लोकसभा चुनाव में निर्वाचित 56 सांसदों ने चुनावी खर्च की सीमा से 50 प्रतिशत कम खर्च करने की घोषणा की है। चुनाव सुधार के क्षेत्र में काम करने वाले संगठन एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक रिफार्म (एडीआर) की रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आई। 

दो सांसदों ने सीमा से अधिक पैसे किए खर्च

एडीआर के अनुसार साल 2019 के लोकसभा चुनाव में जीत दर्ज करने वाले 543 सांसदों में से 538 के चुनावी खर्च की घोषणा का आंकलन किया। इसमें कहा गया कि दो सांसदों ने खर्च की सीमा से अधिक व्यय किया। एडीआर के अनुसार, जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग से नेशनल कॉन्फ्रेंस के हसनैन मसूदी ने खर्च की सीमा से 9,27,920 रूपये अधिक व्यय किया।

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से भाजपा सांसद रवीन्द्र श्याम नारायण शुक्ला उर्फ रवि किशन ने सीमा से 7,95,916 रूपये अधिक खर्च किया। आम चुनाव में बड़े राज्यों के लिये प्रति उम्मीदवार चुनावी खर्च की सीमा 70 लाख रूपये है जबकि छोटे राज्यों के लिये यह सीमा 54 लाख रूपये है। 

इन सांसदों ने किए सीमा से कम पैसे खर्च

इसमें कहा गया है कि भाजपा सांसद किरण रिजिजू, वाईएसआर कांग्रेस के जी माधवी और सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा के इंद्र हांग सुब्बा का चुनावी खर्च सबसे कम है। रिजिजू ने 14 लाख रूपये खर्च किया जबकि उनकी चुनावी खर्च की सीमा 54 लाख रूपये थी। इसी प्रकार से माधवी ने भी 14 लाख रूपये खर्च किया जबकि उनकी चुनावी खर्च की सीमा 70 लाख रूपये थी। सुब्बा ने 7 लाख रूपये खर्च किया जबकि उनकी चुनावी खर्च की सीमा 54 लाख रूपये थी।

इससे पहले एडीआर रिपोर्ट में मोदी सरकार के आने के बाद पलायन करने वाले नेताओं का आंकड़ा साझा किया गया था। एडीआर की मार्च में आई रिपोर्ट के मुताबिक साल 2016 से लेकर 2020 के बीच में चुनाव लड़ने वाले 405 में से 182 विधायकों ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली थी। जबकि 38 ने कांग्रेस और 25 ने टीआरएस का दामन थाम लिया था।

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