Source: 
The Print
https://hindi.theprint.in/politics/bjp-candidates-contesting-delhi-mcd-elections-have-maximum-number-of-crorepatis-adr-report/431029/
Author: 
भाषा
Date: 
26.11.2022
City: 
New Delhi

रिपोर्ट के अनुसार शीर्ष तीन सबसे अमीर उम्मीदवारों में से दो भाजपा से और एक उम्मीदवार आम आदमी पार्टी (आप) से हैं.

दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के करोड़पति उम्मीदवारों की संख्या सर्वाधिक हैं. ‘एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स’ (एडीआर) की एक रिपोर्ट में यह दावा किया गया है. वहीं साफ राजनीति का दावा करने वाली आम आदमी पार्टी में 45 उम्मीदवार आपराधिक रिकार्ड वाले हैं.

रिपोर्ट के अनुसार शीर्ष तीन सबसे अमीर उम्मीदवारों में से दो भाजपा से और आम आदमी पार्टी (आप) से एक हैं.

रिपोर्ट के अनुसार ‘आप’ के तीन उम्मीदवारों पर सबसे अधिक देनदारी है, जबकि दो निर्दलीय उम्मीदवारों ने शून्य संपत्ति घोषित की है. एक अन्य निर्दलीय उम्मीदवार, कांग्रेस के एक उम्मीदवार और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के एक उम्मीदवार के पास सबसे कम संपत्ति है.

इसमें कहा गया है कि भाजपा के 249 उम्मीदवारों में से 162 (65 प्रतिशत), ‘आप’ के 248 उम्मीदवारों में से 148 (60 प्रतिशत) और कांग्रेस के 245 उम्मीदवारों में से 107 (44 प्रतिशत) ने एक करोड़ रुपये से अधिक संपत्ति की घोषणा की है.

रिपोर्ट में कहा गया है कि इस बार चुनाव लड़ने वाले प्रति उम्मीदवार की औसत संपत्ति 2.27 करोड़ रुपये है. वर्ष 2017 के निकाय चुनावों में, 2,315 उम्मीदवारों के लिए प्रति उम्मीदवार औसत संपत्ति 1.61 करोड़ रुपये थी.

इसके अनुसार 79-बल्लीमारान वार्ड से चुनाव लड़ रहे भाजपा के राम देव शर्मा ने कुल 66 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति घोषित की है. 149-मालवीय नगर वार्ड से पार्टी का प्रतिनिधित्व कर रही नंदिनी शर्मा ने 49.84 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति घोषित की है, जबकि 248-करावल नगर से ‘आप’ उम्मीदवार जितेंद्र बंसाला ने अपने हलफनामे में 48.27 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति घोषित की है.

रिपोर्ट के मुताबिक, 643 (48 प्रतिशत) उम्मीदवारों ने देनदारी घोषित की है.

शीर्ष 10 सबसे अमीर उम्मीदवारों में कांग्रेस का कोई उम्मीदवार नहीं है, जबकि भाजपा के पांच उम्मीदवार, ‘आप’ के तीन उम्मीदवार और दो निर्दलीय उम्मीदवार हैं.

इस साल चार दिसंबर को होने वाले एमसीडी चुनाव में 1,349 उम्मीदवार मैदान में हैं. मतगणना सात दिसंबर को होगी.

‘आप’ ने आपराधिक रिकॉर्ड वाले 45 उम्मीदवार उतारे

आम आदमी पार्टी (आप) ने इस साल दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) चुनावों में आपराधिक रिकॉर्ड वाले सबसे अधिक 45 उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है, जबकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के ऐसे उम्मीदवारों की संख्या 27 है. ‘एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स’ (एडीआर) की एक रिपोर्ट में यह दावा किया गया है.

रिपोर्ट में कहा गया है कि ‘आप’ ने 250 उम्मीदवारों को खड़ा किया है, जिनमें से 248 स्वघोषित शपथपत्रों का एडीआर द्वारा विश्लेषण किया गया और उनमें से 18 प्रतिशत यानी 45 का आपराधिक रिकॉर्ड है.

इसके अलावा, ‘आप’ के कम से कम आठ प्रतिशत उम्मीदवारों के खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं.

रिपोर्ट के अनुसार भाजपा ने 250 उम्मीदवारों को खड़ा किया है और उसके 27 उम्मीदवार (11 प्रतिशत) आपराधिक रिकॉर्ड वाले हैं और कांग्रेस ने ऐसे 25 उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है.

इसमें कहा गया है, ‘आम आदमी पार्टी से विश्लेषण किए गए 248 उम्मीदवारों में से 45 (18 प्रतिशत), भाजपा से 249 उम्मीदवारों में से 27 (11 प्रतिशत) और कांग्रेस से 245 उम्मीदवारों में से 25 (10 प्रतिशत) ने अपने खिलाफ आपराधिक मामले घोषित किए हैं.’

इस साल चार दिसंबर को होने वाले एमसीडी चुनाव में 1,349 उम्मीदवार मैदान में हैं.

एडीआर और ‘दिल्ली इलेक्शन वॉच’ द्वारा 1,349 उम्मीदवारों में से 1,336 उम्मीदवारों के स्वघोषित शपथ पत्रों का विश्लेषण किया गया.

रिपोर्ट के अनुसार इस साल चुनाव लड़ने वाले कम से कम 139 उम्मीदवारों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं. छह फीसदी ने अपने खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले घोषित किए हैं.

रिपोर्ट में कहा गया है कि केवल एक उम्मीदवार ने हलफनामे में अपने खिलाफ हत्या (आईपीसी की धारा-302) से संबंधित मामले घोषित किए हैं.

एडीआर ने कहा कि छह उम्मीदवारों ने अपने खिलाफ हत्या के प्रयास (आईपीसी की धारा-307) से संबंधित मामले घोषित किए हैं.

रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली नगर निगम चुनाव लड़ने वाले 35 प्रतिशत से अधिक उम्मीदवार स्नातक हैं, जबकि चार प्रतिशत ‘निरक्षर’ हैं.

रिपोर्ट के अनुसार, 752 (56 प्रतिशत) उम्मीदवारों ने अपनी शैक्षणिक योग्यता कक्षा पांच से 12 के बीच घोषित की है.

रिपोर्ट में कहा गया है, ‘जहां 487 (36 फीसदी) उम्मीदवारों ने स्नातक या उससे ऊपर की शैक्षणिक योग्यता होने की घोषणा की है, वहीं 12 उम्मीदवार डिप्लोमा धारक हैं.’

इसमें कहा गया है, ‘20 उम्मीदवारों ने खुद को सिर्फ साक्षर घोषित किया है और 60 उम्मीदवार निरक्षर हैं. तीन उम्मीदवारों ने अपनी शैक्षणिक योग्यता घोषित नहीं की है.’

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