Source: 
Navbharat Times
Author: 
Date: 
05.04.2022
City: 
New Delhi

नियमों के मुताबिक किसी भी पार्टी को 20,000 रुपये से अधिक चंदा देने पर दानदाता (donor) का नाम पता और पैन नंबर (PAN number) की जानकारी देनी होती है। इससे कम डोनेशन में डोनर के नाम का खुलासा करने की जरूरत नहीं है। राजनीतिक दल इस बारे में चुनाव आयोग को जानकारी देते हैं।

देने के मामले में प्रूडेंट इलेक्टोरल ट्रस्ट पहले नंबर पर है। राजनीति में पारदर्शिता के लिए काम करने वाली संस्था एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) की एक रिपोर्ट के मुताबिक वित्त वर्ष 2019-20 में राजनीतिक दलों को सबसे चंदा देने के मामले में प्रूडेंट इलेक्टोरल ट्रस्ट (Prudent Electroral Trust) सबसे आगे रहा।

एडीआर की रिपोर्ट के मुताबिक 2019-20 में राजनीतिक दलों को चंदा देने वाली टॉप पांच कंपनियों में कॉरपोरेट्स में प्रूडेंट इलेक्टोरल ट्रस्ट के बाद आईटीसी लिमिटेड (ITC Ltd), जनकल्याण इलेक्टोरल ट्रस्ट, बीजी शिरके कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड और पंचशील कॉरपोरेट पार्क प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं। वित्त वर्ष 2018-19 में प्रूडेंट इलेक्टोरल ट्रस्ट राजनीतिक दलों को सबसे ज्यादा चंदा देने के मामले में दूसरे स्थान पर रहा था। तब टाटा से जुड़ा प्रोग्रेसिव इलेक्टोरल ट्रस्ट (Progressive Electoral Trust) पहले नंबर पर रहा था।

भाजपा को सबसे अधिक चंदा
वित्त वर्ष 2019-20 में प्रूडेंट इलेक्टोरल ट्रस्ट ने राजनीतिक दलों को 247.75 करोड़ रुपये का चंदा दिया। इस ट्रस्ट ने 2019-20 में ज्यादातर भाजपा और कांग्रेस को ही चंदा दिया। इस दौरान प्रुडेंट इलेक्टोरल ट्रस्ट ने भाजपा को 216.75 करोड़ रुपये और कांग्रेस को 31 करोड़ रुपये का चंदा दिया। किसी भी पार्टी को 20000 रुपये से अधिक चंदा देने पर दानदाता का नाम पता और पैन नंबर की जानकारी देनी होती है। इससे कम डोनेशन में डोनर के नाम का खुलासा करने की जरूरत नहीं है। राजनीतिक दल इस बारे में चुनाव आयोग को जानकारी देते हैं।

एडीआर की रिपोर्ट के मुताबिक चंदा पाने के मामले में बीजेपी सबसे आगे है। पार्टी की केंद्र के साथ-साथ कई राज्यों में सरकार हैं। साल 2019 में टॉप फाइव पार्टियों को मिलाकर 921.95 करोड़ का कॉरपोरेट चंदा मिला और इसमें से 720.40 करोड़ रुपये बीजेपी की झोली में गिरे। बीजेपी के अलावा कांग्रेस, एनसीपी, सीपीएम और तृणमूल कांग्रेस को भी कंपनियों की तरफ से चंदा मिला लेकिन सीपीआई को कोई चंदा नहीं मिला है। महाराष्ट्र सरकार में साझेदार कांग्रेस को 133.04 करोड़ और एनसीपी को 15.8 करोड़ रुपये का चंदा मिला।

सीपीएम को किसने दिया चंदा
सीपीएम को मुथूट फाइनेंस से 2.5 करोड़, कल्याण ज्वेलर्स से 1.12 करोड़ रुपये तथा नवयुग इंजीनियरिंग से 50 लाख रुपये मिले। पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस को न्यू डेमोक्रेटिक इलेक्ट्रोरल ट्रस्ट, टेक्समैको इंफ्रास्ट्रक्चर होल्डिंग लिमिटेड और टेक्समैको रेल एंड इंजीनियरिंग लिमिटेड से चंदा मिला। एनसीपी को बीजी शिरके कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड, पंचशील कॉरपोरेट पार्क प्राइवेट लिमिटेड और मॉडर्न रोड मेकर्स प्राइवेट लिमिटेड डोनेशन मिला।

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