एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) और नेशनल इलेक्शन वॉच (एनईडब्ल्यू) की रिपोर्ट के अनुसार, 151 मौजूदा सांसदों और विधायकों ने महिला हिंसा के अपराध घोषित किए हैं।
एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) और नेशनल इलेक्शन वॉच (एनईडब्ल्यू) की रिपोर्ट के अनुसार, 151 मौजूदा सांसदों और विधायकों ने महिला हिंसा के अपराध घोषित किए हैं। यह रिपोर्ट कल बुधवार 21 अगस्त को सामने आई जिनमें सबसे अधिक भारतीय जनता पार्टी के 54 सांसद और विधायक हैं तो वहीं कांग्रेस के 23 हैं। जिन राज्यों के सांसदों और विधायक के मामले घोषित किए गए हैं, उनमें सबसे ऊपर पश्चिम बंगाल है और उसके बाद आंध्र प्रदेश के सांसद और विधायक हैं।
राजनीति में अधिकतर पार्टी में किसी न किसी नेता पर आपराधिक मामला दर्जा होता है। ये सब पता होते हुए भी उनको राजनीति में सांसद या विधायक बना दिया जाता है। उनके खिलाफ भले ही कितने आपराधिक मामले दर्ज हो इससे पार्टी के ऊपर किसी तरह का प्रभाव नहीं पड़ता, वो उतनी ही मजबूती से सत्ता में अपनी पहचान को बरकार रखते हैं। द वायर की रिपोर्ट के अनुसार, महिलाओं के साथ होने वाले अपराध के मामले को 151 मौजूदा सांसदों और विधायकों ने घोषित किया हैं। इसमें 16 सांसदों और विधायकों पर बलात्कार के आरोप हैं। इन 16 में से दो मौजूदा सांसद हैं और बाकी 14 विधायक हैं।
आपको बता दें कि रिपोर्ट में 4,693 सांसदों और विधायकों के पांच साल के आंकड़ों का विश्लेषण हुआ है। यह रिपोर्ट इस आधार पर तैयार की गई है जहां उन चुनावी उम्मीदवारों ने चुनाव आयोग में हलफनामें दाखिल किए थे जो इस समय सांसद और विधायक के रूप में कार्यरत हैं। ये आकड़ें 2019 और 2024 के बीच हुए चुनावों के हैं।
इन राजनीतिक पार्टियों के MPs and MLAs की संख्या
भारतीय जनता पार्टी के 54 सांसद और विधायक
कांग्रेस पार्टी के 23 सांसद और विधायक
तेलुगू देशम पार्टी (टीडीपी) के 17 सांसद और विधायक
इन राज्यों में कितने मामले दर्ज?
एडीआर की रिपोर्ट के मुताबिक पश्चिम बंगाल सबसे आगे है जहां सांसदों और विधायकों पर 25 मामले दर्ज हैं इसके बाद आंध्र प्रदेश में 21 और ओडिशा में 17 मौजूदा सांसदों और विधायकों के खिलाफ आरोप है।
